Tuesday, February 8, 2011

तमन्ना...

वो न जाने क्यों हमारी हर  तमन्ना से खफा होते है
उन्हें कैसे बताये की हमारी हर तमन्ना में वो ही होते है,
उन्हें लगता है शायद  की वो हमसे दूर हो गए है,
उन्हें क्या पता वो साँस बनकर हम में ही रहतें है,
ये अलग बात है की हम हर बात जताते नहीं,
जैसे खुदा है हममे पर हम उन्हें देख पाते नहीं,
कोई जरुरी नहीं उन्हें कर कदम पर हम अहसास अपना दिलाये 
वो अहसास है हमारे लिए इतना ही काफी है ......

11 comments:

  1. VERY VERY NICE..................

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  2. बहुत सुन्दर अभिब्यक्ति| धन्यवाद|

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  3. "ये अलग बात है की हम हर बात जताते नहीं,
    ...
    वो अहसास है हमारे लिए इतना ही काफी है ......"

    यही आवश्यक है - सोच को शब्द देने का सार्थक प्रयास- हार्दिक शुभकामनाएं

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  4. सुन्दर अभिव्यक्ति.

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  5. बहुत सुन्दर
    भावपूर्ण लेखन
    अच्छा लगा पढ़कर


    आभार

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  6. आप लोगों ने हमारे लेखन को पसंद किया ,हमे बहुत अच्छा लगा ,आपके इस प्रोत्साहन के किये आप लोगों का बहुत बहुत धन्यवाद......
    प्रियंका चौबे

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  7. ये अलग बात है की हम हर बात जताते नहीं,
    जैसे खुदा है हममे पर हम उन्हें देख पाते नहीं,
    बहुत सुन्दर प्रस्तुति. शुभकामनाएँ...
    हिन्दी ब्लाग जगत में आपका स्वागत है, कामना है कि आप इस क्षेत्र में सर्वोच्च बुलन्दियों तक पहुंचें । आप हिन्दी के दूसरे ब्लाग्स भी देखें और अच्छा लगने पर उन्हें फालो भी करें । आप जितने अधिक ब्लाग्स को फालो करेंगे आपके अपने ब्लाग्स पर भी फालोअर्स की संख्या बढती जा सकेगी । प्राथमिक तौर पर मैं आपको मेरे ब्लाग 'नजरिया' की लिंक नीचे दे रहा हूँ आप इसका अवलोकन करें और इसे फालो भी करें । आपको निश्चित रुप से अच्छे परिणाम मिलेंगे । धन्यवाद सहित...
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  8. आपको हमारा लेखन अच्छा लगा ,आपके प्रोत्साहन और शुभ कामनाओ के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद..... ..... priyanka

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  9. इस सुंदर से चिट्ठे के साथ आपका हिंदी ब्‍लॉग जगत में स्‍वागत है .. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाएं !!

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  10. संगीता जी आपके प्रोत्साहन के लिए धन्यवाद ......

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